भगवान् श्रीकृष्ण की आयु व उससे जुड़े कार्यों का वर्णन
आयु –> लीला
गोकुल
6 दिन –> पूतना वध
3 माह –> शकट भंजन
100वें दिन –> नामकरण संस्कार
1 वर्ष –> तृणावर्त वध
3 वर्ष 2 माह –> यमलार्जुन उद्धार-दामोदर लीला
वृन्दावन
3 वर्ष 3 माह –> श्री वृन्दावन आगमन
3 वर्ष 4 माह –> वत्सचारण वत्सासुर वध
4 वर्ष 4 माह –> अघासुर वध, ब्रह्ममोहन लीला
5 वर्ष 2 माह –> गोचारण
6 वर्ष 9 माह –> कालियदमन, गोपियों से प्रथम मिलन
7 वर्ष 2 माह –> गोवर्धन लीला
8 वर्ष –> वरुण लोक से नन्द को लाये
8 वर्ष । माह –> रासलीला
9 वर्ष –> अम्बिकावन गमन (नन्द अजगर ग्रास), शंखचूड़ वध, होरी लीला
10-11 वर्ष –> दानलीलादि विविध राग- अनुराग लीलाएं
केशीदैत्यवध, अक्रूर आगमन
मथुरा
11 वर्ष 1 माह –> मथुरा गमन, कुब्जा पर कृपा, कंसवध
11 वर्ष 5 माह –> यज्ञोपवीत
11 वर्ष 7 माह –> गुरुकुल गमन (64 दिन रहे)
15 वर्ष से 32 वर्ष –> जरासन्ध द्वारा प्रतिवर्ष 18 आक्रमण
द्वारका
32 वर्ष –> रुक्मिणी विवाह
33 वर्ष –> प्रद्युम्न जन्म
34 से 40 वर्ष में –> भौमासुर वध एवं सभी विवाह
45 वर्ष –> कुरुक्षेत्र मिलन
51 वर्ष –> 18 वर्ष बाद प्रद्युम्न का द्वारका आगमन
52 वर्ष –> बलदेव को व्रज भेजा
53 वर्ष –> अनिरुद्ध जन्म (श्रीकृष्ण को पौत्र प्राप्ति)
72 वर्ष –> राजसूय यज्ञ, शिशुपाल वध
73 वर्ष –> द्रौपदी चीर हरण
73 वर्ष –> व्रजलीला अप्रकाश
86 वर्ष –> अज्ञातवास से पाण्डवों की वापसी
87 वर्ष –> महाभारत युद्ध की बातें प्रारंभ चलती-टलती रही
89 वर्ष –> महाभारत (18 दिन)
125 वर्ष –> व्याथ पर कृपा/अन्तर्धान
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